हर व्यक्ति रोगी है,
कोई समाज वाढ का,
तो कोई पूंजी वाढ का,
कोई आधुनिकता का,
तो कोई रुदी वादिता का,
ना तो वाद को समर्थन करने वालो ने,
वाद को समजा है,
ना ही इसे विरोध करने वालो ने,
कोई समाज वाढ का,
तो कोई पूंजी वाढ का,
कोई आधुनिकता का,
तो कोई रुदी वादिता का,
ना तो वाद को समर्थन करने वालो ने,
वाद को समजा है,
ना ही इसे विरोध करने वालो ने,
No comments:
Post a Comment